एक पक्षी ✍️ हेमा बाजपेई , अहमदाबाद
एक पक्षी जमी से आसमां की दूरी तय करता, तो एक पक्षी बंधिसो मैं कहीं बंध जाता.... एक पक्षी जो गगन संग इठलाता, तो एक पक्षी शोर कर गीत सजाता... एक पक्षी कि गूंज जग को भाती, तो एक पक्षी सलाखों में कहीं दम तोड़ता.... एक पक्षी रोशनी को तलाशता, तो एक पक्षी रोशनी संग ख्वाब सजाता.... एक पक्षी कि चीख पर वाह-वाही मिलती, तो एक पक्षी कि पुकार दफन हो जाती... एक पक्षी सबको मन से भाता, तो एक पंछी सबके मन से उतर जाता..... हेमा बाजपेई अहमदाबाद ખાસ નોંધ - આ લખાણ લેખક ના પોતાના વિચારો થી છે ...લખાણ માટે બ્લોગ જવાબદાર નથી.