शीर्षक : एक तरफ़ा प्यार ✍️ गजानन सोनी अहमदाबाद
शर्द हवाए और धुंधली रात आज एक सवाल पूछती हे
आज फिर से उसके इंतज़ार में खड़े हो ना, आज भी उनके प्यार में होना
तुम्हें तुम्हारे टूटे हुवे दिल के साथ देखा हे ,
तुम थकते नहीं हो क्या ☺️ ये सवाल था खुदसे खुदसे ही था
वो क्या हे के जब हम प्यार में होते हे ना रिसतो में होते हे और वो रिसता तुट जाता हेना तब उनका इंतज़ार करना उनको भुला देने से ज़्यादा अच्छा होता हे ।
क्या इझहार करना ही प्यार हे, इंतज़ार करना प्यार नहीं हे
क्या पा लेना ही प्यार हे , उन्हें चाहना प्यार नहीं
अगर उसकी सारी ख्वाहिश पूरा करना प्यार हे तो उसकी ख़ुशियों की दुआ करना क्या हे
प्यार सिर्फ़ आकर्षण नहीं हे, प्यार किसी को ढूँढना भी नहीं हे
प्यार तो वो हे जो खुद को किसी और में ढूँढता हे
सच कहे तो सच्चा प्यार करना अपने आप में एक बहुत बड़ी बात हे और एक तरफ़ा प्यार करना मतलब ख़तरों के खिलाड़ी 😊
प्यार करना इतना आसान नहीं हे
बहोत बर्बाद होना पड़ता हे खुद्को
गजानंद सोनी
अहमदाबाद
👉 રચના નંબર - ૨
शीर्षक : पुरुष
पुरुष वो हे जिसने सिर्फ़ जिम्मेदारीयो के लिए जन्म लिया हे
माँ बाप की तबियत का टेन्शन
छोटे भाई बहन की पढ़ाई का टेन्शन
खुद की जॉब और करियर का टेन्शन
बीवी - बच्चों का टेन्शन
प्यार का टेन्शन
दोस्तों का टेन्शन
सिर्फ़ उसका टेन्शन किसिको नहीं हे ।
लेकिन कभी खुदको कमजोर नहीं होने देता मगर इन सब मे कही भी अगर वो कमजोर हो जाता हे तो उसको समझने वाला कोई नहीं होता ...
गजानन सोनी
अहमदाबाद


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